Gurupad Ki Mahima {गुरुपद की महिमा}


Sant Shri Asaramji Amritvani

Sant Shri Asaramji Ashram,

Sabarmati , Ahemdabad

Satsang ke mukhya ans :

* ततः किम ततः किम कह रहा है आसमा ये समां भी कुछ नहीं , कह रही है शबनम ये निजारे कुछ नहीं जिनके महलों में हजारों रंग के जलते थे, फनुष झाड उनकी कब्र पे है और निसान कुछ भी नहीं…

* गुरुतत्त्व में मन नहीं लगा तो राज भी मिल गया तो क्या हुआ…वाह वाही मिल गयी तो क्या हो गया और बेवकूफ बन गए… नाम का नाम हो रहा है , समझ रहे हैं मेरा नाम हो गया….और बेवकूफ बन गए …और मूर्खता बढ़ी ….

*  अपने शरीर की सेवा जितना दूसरे से लेंगे , उतना अंदर में पराधीनता रहेगी ..जितना हो सके अपनी आवस्यक्तायें  कम रखे अपनी सेवा हो सके उतनी कम लें …

*

[blip.tv ?posts_id=3369412&dest=62448]

Advertisements

Leave a Reply

Fill in your details below or click an icon to log in:

WordPress.com Logo

You are commenting using your WordPress.com account. Log Out / Change )

Twitter picture

You are commenting using your Twitter account. Log Out / Change )

Facebook photo

You are commenting using your Facebook account. Log Out / Change )

Google+ photo

You are commenting using your Google+ account. Log Out / Change )

Connecting to %s

%d bloggers like this: