GuruSewa Rishi Prasad


संत श्री आसारामजी अमृतवाणी

ऋषि प्रसाद सेवादार सम्मलेन

उत्तरायण ध्यान योग शिविर

उज्जैन २०१०

सत्संग के मुख्य अंश :

* लोगों को भगवान से जोड़ना और संत वाणी से जोड़ना ये अपने आप में बड़ी सेवा है ….

तीर्थ नहाये एक फल , संत मिले फल चार

सदगुरु मिले अनंत फल , कहत कबीर विचार

* अपने लिए तो कई जिंदगी बर्बाद हो गयी , लेकिन धर्म के लिए ….धर्मं के लिए गांधीजी भी जेल गए , नानक भी तो गए , बाबर ने नानक जी को जेल डाला ….फिर भी नानक अभी भी हमारे दिलों में आदरणीय हैं …..ऐसे ही बुद्ध कितना दुष्ट लोगों ने साजिशें की …..वैश्या आके बोलती थी बुद्ध तो मेरे साथ ही सोते हैं ….गुनाह तो किसी ने किया , आरोप बुद्ध पर आ गए …..

*  कई प्रकार के कर्म होते हैं , लेकिन भगवान और संत से निगुरों , सगुरे की मुलाकात करना कितनी बड़ी सेवा है ….

* वाह- वाही के लिए , चाटुकारी के लिए तो नेता भी सेवा कर लेता है , रोटी के टुकड़े के लिए तो कुत्ता भी पूछ हिला देता है …लेकिन मान – अपमान , ठंडी -गर्मी , आंधी -तूफ़ान …..

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Bapuji`s Message In RishiPrasad Sewadar Sammelan 2007

(बापूजी का सन्देश सेवादारों के नाम )


Sant Shri Asaramji Amritvani

Rishi Prasad Sewadar Sammelan

Uttarayan Dhyan Yog Shivir

Ujjain 2010

Satsang Ke Mukhya Ans :

* logon ko bhagwan se jodna aur sant vani se jodna ye apne aap me badi bhari sewa hai ….

tirth nahaye ek fal sant mile fal char sadguru mile anant fal kahat kabir vichar

* apne liye to kai jindagi barbaad ho gayi , dharm ke liye ……. , gandhi ji bhi to gaye the , nanak bhi to gaye the , babar ne nanak ji ko jail me dala ….fir bhi nanak abhi bhi hamare dilon me  adarniya hain …. aise hi buddh ke liye kitna dust logon ne  sajishe ki …vaisya aake bolti thi buddha to mere sath hi sote hain …..gunah to kissi ne kiya aarop buddha per aa gaye…

* kai prakaar ke karma hote hain , lekin bhagwan aur sant se nigure , sagure ki mulakat karana kitni badi sewa hai ….

* vahvahi ke liye , chatukari ke liye  to neta bhi sewa karta hai , roti ke tukde ke liye to kutta bhi puch hila deta hai ,…lekin maan -apmaan , thandi – garmi , andhi-tufan ……